अम्बेडकरनगर में ‘चिराग तले अंधेरा’ की तस्वीर

अम्बेडकरनगर। जिले के कटेहरी विकास खंड में गौ-संरक्षण व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई है। ब्लॉक मुख्यालय की दीवार से सटी प्रतापपुर चमुर्खा स्थित गौशाला में बेजुबान पशुओं की स्थिति सवालों के घेरे में है। एक सप्ताह से मीडिया की निगाहें गौशालाओं पर केंद्रित हैं और इसी क्रम में यहां की अव्यवस्थाएं उजागर हुई हैं।

मृत पशुओं के निस्तारण पर उठे सवाल

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गौशाला में मृत पशुओं के शवों का समय पर और नियमानुसार निस्तारण नहीं किया जा रहा। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गौशाला परिसर और उसके आस-पास अस्वास्थ्यकर हालात की शिकायतें सामने आई हैं। नियमों के विपरीत शवों के पड़े रहने से संक्रमण की आशंका भी जताई जा रही है।

जीवित पशुओं की देखरेख पर असंतोष

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गौशाला में चारा-पानी की व्यवस्था कागजों में संतोषजनक बताई जा रही है, लेकिन देखरेख और निगरानी की स्थिति पर सवाल हैं। पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, साफ-सफाई और रखरखाव में कमी की बात कही जा रही है। पशुपालन से जुड़े मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं धरातल पर पूरी तरह दिखाई नहीं देतीं।

ब्लॉक कार्यालय के बगल में फिर भी अनदेखी

सबसे अहम पहलू यह है कि यह गौशाला कटेहरी ब्लॉक कार्यालय के ठीक बगल में स्थित है, जहां ब्लॉक विकास अधिकारी का कार्यालय है। इसके बावजूद लंबे समय से स्थिति में सुधार नहीं होना प्रशासनिक निगरानी पर प्रश्न खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अभाव बना हुआ है।

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