अंबेडकरनगर की टांडा तहसील शनिवार को उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब तहसीलदार निखिलेश सिंह और रिटायर्ड तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा के बीच कथित रूप से तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ने पर तहसीलदार द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार रिटायर्ड तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा किसी निजी कार्य से टांडा तहसील पहुंचे थे और तहसीलदार निखिलेश सिंह से मुलाकात कर रहे थे। बातचीत के दौरान किसी विषय को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आसपास मौजूद कर्मचारी और अधिवक्ता भी मौके पर एकत्र होने लगे।
पुलिस बुलाए जाने से बढ़ी हलचल
विवाद की स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार निखिलेश सिंह ने टांडा कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस तहसील परिसर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद रिटायर्ड तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा को पुलिस अपने साथ कोतवाली ले गई। इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित रहा।
अधिवक्ताओं में नाराजगी
घटना के बाद तहसील परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं के बीच भी नाराजगी देखी गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में कार्यप्रणाली को लेकर पहले से असंतोष की स्थिति बनी हुई है और यह घटनाक्रम उसी असंतोष का परिणाम है। अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए और स्थिति पर चर्चा की।
कोतवाली में जुटी भीड़, माहौल रहा तनावपूर्ण
घटना की जानकारी फैलते ही टांडा कोतवाली परिसर में भी लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के चलते किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया गया।








