
AAP पर विदेशी फंडिंग को लेकर CBI का शिकंजा, 1.02 करोड़ की संदिग्ध डोनेशन पर सवाल
गुजरात की जिम्मेदारी मिलते ही दुर्गेश पाठक पर CBI की कार्रवाई, AAP ने बताया ‘राजनीतिक बदला’
FCRA उल्लंघन का मामला गरमाया, पार्टी ने कहा – हर डोनेशन है पारदर्शी
नई दिल्ली/गुजरात। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक के दिल्ली स्थित आवास पर गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी चंदा यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) उल्लंघन से जुड़े मामले में की गई है। इससे ठीक एक दिन पहले CBI ने AAP के खिलाफ आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज की थी। CBI की रिपोर्ट के अनुसार, 155 विदेशों में रहने वाले दाताओं ने 55 पासपोर्ट नंबरों के जरिए 404 बार पार्टी को कुल ₹1.02 करोड़ का चंदा दिया। रिपोर्ट में कई पासपोर्ट नंबरों के बार-बार इस्तेमाल को लेकर फर्जीवाड़े का संदेह जताया गया है।
AAP का पलटवार – “सब पारदर्शी, हमारे पास हर रिकॉर्ड”
आम आदमी पार्टी ने CBI की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि 201 विदेशी नागरिकों ने 51 ईमेल आईडी के जरिये कुल 639 बार ₹2.65 करोड़ का डोनेशन दिया। पार्टी ने दावा किया कि सभी चंदे पारदर्शिता के साथ प्राप्त हुए हैं और इसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।
गुजरात चुनाव की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि 21 मार्च को AAP ने गुजरात विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत गोपाल राय को प्रदेश प्रभारी और दुर्गेश पाठक को सह-प्रभारी नियुक्त किया था। इसके तुरंत बाद दोनों नेता राज्य के दौरे पर भी गए थे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी।
दिल्ली हार के बाद पार्टी में बड़ा फेरबदल
दिल्ली विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद आम आदमी पार्टी ने अपने संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव किए। सौरभ भारद्वाज को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जबकि दुर्गेश पाठक को गुजरात की कमान सौंपी गई।








