
- अन्नपूर्णा मंदिर में 18 से 22 अक्टूबर तक पांच दिवसीय दर्शन
- त्रयोदशी और अमावस्या की तिथियां 24 घंटे से अधिक लंबी
- भक्त 17 अक्टूबर से लाइन में लगेंगे
काशी। काशी के ऐतिहासिक अन्नपूर्णा मंदिर में इस वर्ष धनत्रयोदशी से अन्नकूट तक पांच दिनों तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी दर्शन होंगे। यह पर्व 18 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक चलेगा। खास बात यह है कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी और अमावस्या की तिथियां 24 घंटे से अधिक की अवधि तक रहेंगी, जिससे यह दुर्लभ अवसर बना है। लगातार दूसरे वर्ष भक्तों को पांच दिवसीय दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
भक्तों की कतारें 17 अक्टूबर से
श्रद्धालु 17 अक्टूबर की शाम से ही दर्शन के लिए मंदिर में कतारबद्ध होना शुरू कर देंगे। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। काशी जोन के एडीसीपी ने मंदिर पहुंचकर महंत गोस्वामी शंकरपुरी महाराज से मुलाकात की और तैयारियों का जायजा लिया।
मंदिर के पट 18 अक्टूबर को ब्रह्ममुहूर्त में आरती के बाद खोले जाएंगे। धनत्रयोदशी की तिथि दोपहर 12:19 बजे से प्रारंभ होगी और 19 अक्टूबर को दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। अमावस्या 20 अक्टूबर दोपहर 2:56 बजे से लेकर 21 अक्टूबर की शाम 4:26 बजे तक रहेगी।
भक्तों के लिए विशेष तैयारी
मंदिर ने 11 लाख रुपये के सिक्के भक्तों में बांटने के लिए मंगवाए हैं, जो दर्शन से पूर्व पूजन के बाद वितरित होंगे। इसके अलावा अन्नकूट के लिए 108 कुंतल मिष्ठान्न और नमकीन भोग की तैयारी शुरू हो चुकी है। 15 सदस्यीय टीम नित्य गंगास्नान के बाद शुद्धता से भोग निर्माण कर रही है।
विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के लिए मुंबई से विशेष पीले दुपट्टे मंगवाए गए हैं, जिन पर मां अन्नपूर्णा के मंत्र “ॐ अन्नपूर्णा दैव्यै नमः” अंकित हैं।
विश्वनाथ धाम में सजावट और कार्यक्रम
षष्टदिवसीय दीप ज्योति पर्व के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सजावट का कार्य शुरू हो गया है। धाम को रंग-बिरंगे और सुगंधित पुष्पों से सजाया जाएगा। मंदिर चौक में दीपावली के दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
धनतेरस से ही मां अन्नपूर्णा का दरबार भव्यतम रूप में सजाया जाएगा। दीपावली के दिन दीपमालिकाओं से बाबा का परिसर जगमग होगा। अन्नकूट के दिन लगभग 14 क्विंटल मिष्ठान्न और 56 प्रकार के व्यंजन मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ को भोग लगाए जाएंगे।








