
- प्रबुद्धजनों ने साझा किए विचार और ग्रामीण प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया
- ग्राम पंचायतों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उठाए विकास एवं विपणन मुद्दे
- पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्र की संभावनाओं का अवलोकन
अम्बेडकरनगर, संवाददाता। “समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047” अभियान के अंतर्गत बुधवार को विकासखंड अकबरपुर के सभागार में जन पहल एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शासन द्वारा नामित प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में ग्रामीण प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आशा कार्यकर्ताओं और पंचायत सचिवों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया।
संवाद में जुड़े प्रबुद्धजन, साझा किए विचार
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता (सिंचाई एवं जल संसाधन) देवेंद्र अग्रवाल, सेवानिवृत्त निदेशक (कृषि) आर. बी. सिंह, सेवानिवृत्त प्रोफेसर (पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) प्रदीप कुमार यादव और सेवानिवृत्त आईपीएस शशिकांत तिवारी ने प्रतिभाग किया।
इन प्रबुद्धजनों ने सभी प्रतिभागियों से ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की संकल्पना साझा करते हुए बताया कि यह अभियान जनसहभागिता के आधार पर राज्य को आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाने की दिशा में एक प्रयास है।
ग्राम प्रधानों ने उठाए स्थानीय राजस्व और विकास के मुद्दे
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने सुझाव देते हुए कहा कि गांवों में स्थित तालाबों की नीलामी ग्राम पंचायत स्तर पर कराई जाए और उससे प्राप्त आय सीधे पंचायत को हस्तांतरित की जाए।
साथ ही यह भी सुझाव आया कि पंचायत की सार्वजनिक भूमि पर दुकानों का निर्माण कराया जाए, ताकि पंचायतों के पास स्थायी आय का स्रोत हो और स्थानीय विकास कार्यों में गति लाई जा सके।








