
- राहुल गांधी ने कोर्ट में कहा- जान का खतरा है
- सावरकर मानहानि केस को लेकर जताई चिंता
- प्रिवेंटिव प्रोटेक्शन की मांग की
पुणे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को पुणे की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट में दावा किया कि उन्हें जान का खतरा है। उन्होंने यह खतरा सावरकर मानहानि मामले से जुड़ा बताते हुए कहा कि, “मेरे खिलाफ मानहानि की शिकायत करने वाले नाथूराम गोडसे के वंशज हैं।”
राहुल गांधी ने अदालत से अपील की कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और केस की निष्पक्ष सुनवाई के लिए प्रिवेंटिव प्रोटेक्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को करेगी।
राजनीतिक बयानों से बढ़ी नाराजगी
राहुल ने कहा कि हाल के उनके राजनीतिक बयानों से विरोधियों की नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने संसद में 11 अगस्त को दिए अपने नारे “वोट चोर कुर्सी छोड़” और चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेजों का जिक्र किया। राहुल ने यह भी कहा कि सच्चा हिंदू कभी हिंसा नहीं करता और नफरत नहीं फैलाता, जबकि बीजेपी नफरत और हिंसा फैलाती है। इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने उन पर हिंदू समाज का अपमान करने का आरोप लगाया था।
सावरकर मानहानि केस का पूरा विवाद
मार्च 2023 में लंदन में राहुल गांधी ने भाषण दिया था जिसमें उन्होंने दावा किया कि सावरकर ने अपनी किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई कर खुशी महसूस की थी। इसी बयान पर वीर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने मानहानि का केस दर्ज कराया।
3 जुलाई को पुणे के एमपी-एमएलए कोर्ट ने सत्यकी सावरकर की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने राहुल से विवादित पुस्तक दिखाने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस नेता को पुस्तक पेश करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
पहले भी विवादित बयान
17 नवंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अकोला में राहुल गांधी ने सावरकर पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्होंने अंग्रेजों को लिखी एक चिट्ठी में खुद को नौकर बताया और डरकर माफी मांगी। राहुल ने कहा था, “गांधी, नेहरू और पटेल जेल में रहे पर कभी चिट्ठी नहीं लिखी। सावरकर ने साइन कर गांधी और पटेल को भी धोखा दिया।”
सुप्रीम कोर्ट और अन्य केस
26 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उन्हें फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ किसी को गलत बयानबाजी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
14 जून 2023 को लखनऊ के एडवोकेट नृपेंद्र पांडे ने भी राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उन्होंने वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशनभोगी’ कहा और यह बयान प्रेस कॉन्फ्रेंस में लाइव प्रसारित किया गया।








