
लखनऊ। राज्यसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चर्चा हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् के महत्व को नहीं समझते, वे इसे चुनाव से जोड़ रहे हैं। उनके बयान को एक दिन पहले लोकसभा में प्रियंका गांधी के बयान से जोड़ा जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा था कि वंदे मातरम् गीत 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है और इस पर बहस बंगाल चुनाव को लेकर की जा रही है। अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम् का विरोध नेहरू से लेकर कांग्रेस नेतृत्व में शामिल है।
सत्र के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नेहरू, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल समेत कांग्रेस कार्यसमिति ने वंदे मातरम् के पहले दो स्टैंजा ही गाने का निर्णय लिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री केवल नेहरू को क्यों निशाना बना रहे हैं।
इस मौके पर भारत सरकार ने वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया है। लोकसभा और राज्यसभा में क्रमशः 8 और 9 दिसंबर को इस विषय पर चर्चा तय की गई थी।








