
- पंचवटी झाँकी का निर्देशन सुरेंद्र सोनी ने किया; वनगमन दृश्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
- प्रियंका पांडेय ने मानस गंगा का पाठ कर कथा सत्र को सार्थक बनाया
- दुर्गा झाँकियों और भव्य विद्युत सज्जा ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया
जलालपुर। नगर में श्री रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित रामलीला मंचन ने श्रद्धालुओं को भक्ति और सांस्कृतिक रस में डुबो दिया। आयोजन में रामचरितमानस के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया, जिसमें “श्रीराम-केवट संवाद” और “भरत-राम मिलन” जैसे प्रसंगों ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
शाश्वत, रौनक और विकास ने निभाईं प्रमुख भूमिकाएं
रामलीला के मंचन में स्थानीय कलाकारों ने अपने अभिनय से माहौल को जीवंत बना दिया।
श्रीराम की भूमिका में शाश्वत दुबे]लक्ष्मण की भूमिका में रौनक दुबे] भरत की भूमिका में विकास उपाध्याय
तीनों कलाकारों ने संवाद अदायगी और भाव-प्रदर्शन में विशेष प्रभाव छोड़ा। मंचन के दौरान दर्शकों ने कई बार तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
आरती में गूंजे “जय श्रीराम” के जयघोष
कार्यक्रम के आरती सत्र में स्थानीय श्रद्धालु भारी संख्या में शामिल हुए। मंच पर जब संजीव मिश्र, आदित्य मिश्र, रामचंद्र जायसवाल, राधेश्याम शुक्ल, केशव श्रीवास्तव, विकास निषाद, कृष्ण गोपाल गुप्त, अरुण मिश्र, अशोक जायसवाल, दिलीप यादव और आशाराम मौर्य सहित समिति सदस्य एक स्वर में जयघोष करने लगे तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
सुरेंद्र सोनी के निर्देशन में पंचवटी झाँकी का विशेष प्रदर्शन
रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी के निर्देशन में पंचवटी प्रसंग पर आधारित एक विशेष झाँकी का मंचन किया गया। राम, लक्ष्मण और सीता के वनगमन के दृश्य को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने उत्साह के साथ देखा।








