
- लखनऊ में 122 स्कूली वाहन पाए गए बिना फिटनेस
- आरटीओ ने भेजा अंतिम नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
- स्कूल खुलते ही अनफिट वाहन नहीं चलेंगे सड़क पर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरटीओ की जांच में 122 स्कूली वाहन ऐसे पाए गए हैं जिनकी फिटनेस वैधता समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद ये वाहन अब तक सड़कों पर दौड़ रहे थे। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने ऐसे सभी वाहन मालिकों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही साफ कर दिया है कि अब स्कूल खुलने के बाद कोई भी अनफिट या अधूरे दस्तावेज वाला वाहन सड़क पर नहीं चल सकेगा।
जवाब नहीं दे रहे वाहन स्वामी
आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहन स्वामियों को पहले भी कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन वे लगातार चुप्पी साधे रहे और किसी ने जवाब नहीं दिया। अब बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए आरटीओ ने कड़ा रुख अपनाया है।
लखनऊ में करीब 4500 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 122 वाहन फिटनेस और दस्तावेजों के बिना चल रहे थे, जिन्हें चिन्हित कर नोटिस थमाया गया है।
बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: RTO
आरटीओ कार्यालय का कहना है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। स्कूल वाहन के लिए फिटनेस, सुरक्षा मानक और दस्तावेज पूरे होना अब अनिवार्य होगा। यदि कोई अनफिट वाहन पकड़ा गया, तो वाहन स्वामी के साथ संबंधित स्कूल प्रशासन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से अपील: खुद करें जांच
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को जिन वाहनों से स्कूल भेजते हैं, उनकी स्थिति की जांच स्वयं करें।
स्कूल वाहनों में निम्न सुविधाएं अनिवार्य रूप से होनी चाहिए:
वाहन पीले रंग का हो और उस पर “School on Duty” लिखा हो
खिड़कियों पर मजबूत लोहे की ग्रिल लगी हो
फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद हो
वाहन पर स्कूल का नाम, संपर्क और इमरजेंसी नंबर लिखा हो
एक स्कूल अटेंडेंट (सहायक) अनिवार्य रूप से हो
मजबूत लॉकिंग सिस्टम
फर्स्ट एड बॉक्स, GPS और CCTV कैमरा
ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य








