
राज्यसभा में वक्फ बिल पर गरमाई बहस, नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया चर्चा को डिरेल करने का
वक्फ बिल पर राज्यसभा में विपक्ष ने किया विरोध, रिजिजू ने बताया पारदर्शिता और एक्यूरेसी का ध्यान रखा
ओवैसी ने वक्फ बिल फाड़कर किया विरोध, नड्डा और रिजिजू ने विपक्षी नेताओं को घेरा
नई दिल्ली। राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों को निशाने पर लिया, जबकि किरेन रिजिजू ने बिल के संशोधनों को पारदर्शिता और अकाउंटेबिलिटी से भरपूर बताया।
बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित होने के बाद गुरुवार को यह बिल राज्यसभा में पेश किया गया। इस पर चर्चा दोपहर 1 बजे शुरू हुई, और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। नड्डा ने कहा कि इस बिल को लेकर कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना में भाजपा अधिक गंभीर है। उनका कहना था कि यह बिल राष्ट्रीय हित से जुड़ा हुआ है, न कि पार्टी हित से, और इसे डिरेल नहीं किया जाना चाहिए।
नड्डा ने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे बिल के मुद्दे को भटकाने के लिए राम मंदिर, कुंभ मेला, बिहार चुनाव और अन्य मुद्दों को उठा रहे हैं, जो चर्चा को भटकाने की कोशिशें हैं।
वहीं, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि इस बिल में ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और एक्यूरेसी पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बिल का उद्देश्य मुसलमानों की धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करना नहीं है, बल्कि गरीब मुसलमानों को न्याय दिलाना है।
बिल पर चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध जताते हुए बिल को फाड़ दिया और कहा कि यह बिल मुसलमानों को अपमानित करने के लिए है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ के मामले में गैर-मुस्लिमों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा और यह वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है।
राज्यसभा में चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर आरोप लगाए कि कर्नाटक में वक्फ जमीन के भ्रष्टाचार में उनका भी हाथ है। खड़गे ने इन आरोपों को नकारते हुए ठाकुर से तथ्यों को सामने लाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर ठाकुर उनके या उनके परिवार के खिलाफ कोई सबूत पेश कर पाते हैं तो वे राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे देंगे।








