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33 साल बाद आया बहुचर्चित मामले में फैसला, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सुनाया निर्णय
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अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में रहा नाकाम, सभी आरोपी दोषमुक्त
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पूर्व विधायक समेत 10 को राहत, सत्तू पांडेय फरारी कांड में खत्म हुई कानूनी लड़ाई
अम्बेडकरनगर। करीब 33 साल पुराने चर्चित सत्तू पांडेय पुलिस अभिरक्षा से फरारी मामले में विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूर्व विधायक पवन पांडेय समेत 10 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
1 अक्टूबर 1992 को पुलिस ने सत्तू पांडेय को अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस जीप को भीड़ ने रोककर आगजनी कर दी थी और सत्तू को छुड़ा ले गए थे। इस केस में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला, आगजनी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था।
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा, जिसके चलते सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।








