
- अंबेडकरनगर: डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार वर्मा पर पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन का आरोप
- आरटीआई में दावा: पत्नी के नाम पर संचालित ‘रामा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल’ से हितों का टकराव
- आरोप: उच्च पदाधिकारी होने के कारण जांच और निरीक्षण निष्पक्ष नहीं हो सकता
अंबेडकरनगर। जिले के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार वर्मा पर पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) एक्ट के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है। मेरठ निवासी राहुल ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आरटीआई दाखिल कर डॉ. वर्मा की भूमिका पर कई सवाल उठाए हैं। आरटीआई में बताया गया है कि डिप्टी सीएमओ की पत्नी के नाम पर ‘रामा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल’ नामक अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित है, जो सीधे तौर पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में आता है।
आरटीआई में क्या है आरोप?
पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की धारा 18ए(iv) के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति जिसके हितों में टकराव (Conflict of Interest) हो, वह उस एक्ट से जुड़ी एडवाइजरी कमेटी या किसी कानूनी प्रक्रिया में सदस्य नहीं बन सकता। राहुल ने आरटीआई में दावा किया है कि डॉ. संजय कुमार वर्मा की पत्नी ज्योति वर्मा के नाम पर संचालित ‘रामा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल’ के चलते डॉ. वर्मा की स्थिति में हितों का टकराव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
निष्पक्षता पर उठे गंभीर सवाल
आरटीआई में यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि उक्त अस्पताल विभाग में पंजीकृत है, तो डॉ. वर्मा जैसे उच्च पदाधिकारी के इस अस्पताल से जुड़े होने के कारण कैसे जांच या निरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष रह सकती है। विभागीय प्रक्रिया में डॉ. वर्मा की भूमिका क्या रही, इस बारे में भी जवाब मांगा गया है।








