
अम्बेडकरनगर। जनपद के बसखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही की खबर सामने आई है, जहां CHC अधीक्षक पर एक परमानेंट स्टाफ नर्स के उपस्थिति प्रकरण में नियमविरुद्ध ढंग से निस्तारण करने और शिकायतकर्ता को बिना सूचना दिए ही मामले को ‘सुलझा लिया गया’ दिखाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता को न जानकारी, न संतुष्टि का मौका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक परमानेंट स्टाफ नर्स की उपस्थिति को लेकर दर्ज की गई शिकायत में CHC अधीक्षक द्वारा बिना किसी संतोषजनक कार्यवाही अथवा शिकायतकर्ता से फीडबैक लिए ही मामले का निष्पादन दर्शा दिया गया। इस मनमानी से न केवल शिकायतकर्ता में आक्रोश है, बल्कि पूरे अस्पताल परिसर में इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्राथमिक जांच में अधीक्षक की भूमिका संदेह के घेरे में
सूत्रों की मानें तो मामले की प्राथमिक जांच में अधीक्षक की संलिप्तता और कदाचार के संकेत मिल रहे हैं। अगर विस्तृत जांच कराई गई तो अधीक्षक की भूमिका पर बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।
प्रशासनिक नियमों की खुलेआम अवहेलना
शिकायत से जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि अधीक्षक ने उच्च अधिकारियों को भी अधूरी या भ्रामक जानकारी देकर गुमराह किया है। यह कृत्य न केवल गैर जिम्मेदाराना है, बल्कि यह स्पष्ट रूप से प्रशासनिक नियमों की अवहेलना भी है।
क्या अधिकारियों को गुमराह करना दंडनीय अपराध नहीं?
जनता और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर अधीक्षक उच्च स्तर पर भी गुमराह करने जैसा गंभीर कार्य कर रहे हैं, तो क्या इसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए?








