
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को राज्य के कई जिलों में भीषण कोहरे के कारण एक के बाद एक सड़क हादसे हुए। प्रदेशभर में कुल 22 हादसों में 70 वाहन आपस में टकरा गए, जिनमें 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से अधिक लोग घायल हो गए।
अमरोहा में सबसे बड़ा हादसा, 15 गाड़ियां टकराईं
घने कोहरे के चलते सबसे बड़ा सड़क हादसा अमरोहा जिले में हुआ, जहां एक ही स्थान पर 15 वाहन आपस में टकरा गए। हादसे के बाद हाईवे पर क्षतिग्रस्त गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए।
इसके अलावा कानपुर और अमेठी में दो-दो लोगों की जान गई। वहीं बाराबंकी, कासगंज, मुजफ्फरनगर और मैनपुरी में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।
50 से ज्यादा जिले घने कोहरे की चपेट में
लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज, अयोध्या समेत प्रदेश के 50 से अधिक जिले घने कोहरे की चपेट में रहे। कई जगहों पर विजिबिलिटी शून्य से 50 मीटर तक सिमट गई। हालात इतने खराब थे कि सड़कों पर चल रही गाड़ियों की लाइटें तक दिखाई नहीं दे रही थीं।
रेल और हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
कम विजिबिलिटी का असर रेल और हवाई सेवाओं पर भी साफ नजर आया। गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज समेत कई बड़े रेलवे स्टेशनों पर 100 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा।
वहीं लखनऊ एयरपोर्ट पर रस अल खैमा (UAE) और मुंबई से आने वाली फ्लाइट्स को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। खराब मौसम के कारण ये विमान करीब आधे घंटे तक आसमान में चक्कर लगाते रहे, जिसके बाद उन्हें दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया।








