टांडा में शंकराचार्य का आगमन, धर्मयुद्ध यात्रा का ऐलान

अंबेडकरनगर। टांडा क्षेत्र के गोवर्धनपुर में शनिवार रात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आगमन हुआ। वह ज्योर्तिमठ उत्तराखंड के वित्त विभाग प्रमुख मदन मोहन उपाध्याय के आवास पर ठहरे। रविवार सुबह यहां चरण पादुका पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।

धर्मयुद्ध यात्रा की घोषणा

मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन मई से 23 जुलाई तक प्रदेश भर में धर्मयुद्ध यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गोमाता के संरक्षण और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज और शासन का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करना है।

सरकार को दिए गए समय का जिक्र

शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पहले 40 दिन का समय दिया गया था, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि गोमाता की सुरक्षा सभी के लिए जरूरी है और इस विषय पर किसी भी स्तर पर उदासीनता स्वीकार नहीं की जा सकती।

संतों की भूमिका पर टिप्पणी

संतों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दो प्रकार के संत दिखाई दे रहे हैं। एक वे जो सत्ता के करीब हैं और दूसरे वे जो समाज के मुद्दों पर बोलते हैं। उन्होंने खुद को दूसरे वर्ग में बताते हुए कहा कि साधु समाज का दायित्व है कि वह जनता के पक्ष में सवाल उठाए और अन्याय के खिलाफ आवाज रखे।

स्वामी रामभद्राचार्य विवाद पर प्रतिक्रिया

स्वामी रामभद्राचार्य से जुड़े विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संतों का उद्देश्य समाज को दिशा देना होना चाहिए। उनके अनुसार, केवल सत्ता के समर्थन में खड़े रहने से धर्म और समाज का हित नहीं होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button