
वाराणसी: वाराणसी में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तहरीर देने के करीब 48 घंटे बाद पुलिस ने धारा 351(4) और 352 के तहत केस दर्ज किया है।
एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि लिखित शिकायत और उपलब्ध सबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। जिस मोबाइल नंबर से धमकी भरा संदेश भेजा गया था, उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषी की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि धमकी ऑडियो मैसेज के जरिए दी गई, जिसमें शंकराचार्य के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनकी हत्या की बात कही गई। मैसेज में कहा गया कि “जैसे अतीक अहमद को मारा गया, वैसे ही उन्हें भी मार दिया जाएगा।” इस दौरान कई बार अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि कोई खुलेआम हत्या की धमकी देता है और उस पर कार्रवाई में देरी होती है, तो यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय तो धर्म और समाज की बात की जाती है, लेकिन उनकी सुरक्षा और हितों के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
इस दौरान उन्होंने 27 अप्रैल को प्रस्तावित गो सम्मान दिवस को लेकर भी अपनी बात रखी और लोगों से इसमें अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।









