
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट (VB-G RAM G) की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र ने मनरेगा को खत्म करके ग्रामीण आजीविका और गरीबों के हितों को नुकसान पहुँचाया।
सिद्धरमैया ने कहा, “महात्मा गांधी को पहली बार गोडसे ने मारा था, लेकिन मनरेगा को खत्म करके केंद्र सरकार ने दूसरी बार उन्हें मारा है।”
केंद्र पर तानाशाही रवैया का आरोप
CM ने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य गरीब और छोटे किसानों को फायदा पहुंचाना था। लेकिन मोदी सरकार ने राज्यों से सलाह लिए बिना यह फैसला लिया, जो तानाशाही रवैये को दर्शाता है। उन्होंने बीजेपी और RSS पर महिलाओं और दलितों के विरोध और कॉर्पोरेट हितों की मदद करने का आरोप भी लगाया।
सिद्धरमैया ने जोर देकर कहा कि VB-G RAM G बिल को खत्म कर देना चाहिए और मनरेगा स्कीम को पुनः शुरू करना चाहिए।
मनरेगा की सामाजिक और आर्थिक भूमिका
CM ने बताया कि देशभर में मनरेगा के तहत लगभग 12.17 करोड़ मजदूर शामिल हैं, जिनमें 6.21 करोड़ महिलाएं हैं। यह वर्कफोर्स का लगभग 53.61% है। अनुसूचित जाति और जनजाति के मजदूर क्रमशः 17% और 11% हैं।
कर्नाटक में अकेले 71.18 लाख सक्रिय मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें 36.75 लाख महिलाएं शामिल हैं। CM के अनुसार, मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, लोगों को इज्जत से रोजगार दिया और खेती के काम को रोजगार गारंटी प्रोग्राम से जोड़कर गांव की आजीविका सुनिश्चित की।








