SIR विवाद और वंदे मातरम् बहस पर हंगामा

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन ही दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोपों को लेकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा को बताया कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष से अपील की कि वह इस पर कोई समय सीमा न थोपें।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के अवसर पर सरकार सदन में इस विषय पर 10 घंटे तक चर्चा कराने की योजना बना रही है। यह बहस गुरुवार या शुक्रवार को हो सकती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले सकते हैं।

सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिले, और सत्र में जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं।

राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया गया। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर दुख व्यक्त किया कि उन्हें फेयरवेल नहीं दिया जा सका। इस पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी तकलीफ का सामना करना चाहिए।

संसद का पहला दिन SIR विवाद, विपक्ष और सरकार के बीच बयानबाजी तथा आगामी वंदे मातरम् बहस की तैयारियों के बीच बीता।

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