अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित 7 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के दावे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जांच कराने की मांग की थी। इसके कुछ ही घंटों बाद शासन ने तीन सदस्यीय SIT का गठन कर दिया।
जानकारी के अनुसार, गठित SIT को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच दल को संभावित अनियमितताओं की पड़ताल के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुझाव भी देने होंगे।
इसी बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब मंदिर से जुड़े कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से लगभग 10 लाख रुपये बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि कुछ रकम गोबर में दबाकर छिपाई गई थी, जबकि कुछ नकदी एक बक्से में रखी मिली। हालांकि बरामद धनराशि का स्रोत और स्वामित्व अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
सूत्रों के मुताबिक, लवकुश मिश्रा मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने का कार्य करता था। उसके पिता ने भी घर से नकदी मिलने की पुष्टि की है। मामले की जांच कर रही एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद रकम का संबंध कथित वित्तीय अनियमितता से है या नहीं।
जानकारी के अनुसार, लवकुश की नियुक्ति उसके ससुर की सिफारिश पर हुई थी। उसका साला अनुकल्प मिश्रा भी पहले से मंदिर से जुड़ा हुआ था। सूत्रों के अनुसार, अनुकल्प और लवकुश दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
मामले की जांच अब SIT के हाथ में आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों और बरामद धनराशि के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









