
वाराणसी। पिंडरा क्षेत्र में मंगलवार को रिश्तों को तार-तार कर देने वाला दोहरे हत्याकांड सामने आया। 6 करोड़ की संपत्ति के लालच में एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता और बड़ी बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद वह मुस्कुराते हुए बोला– “जब कोई बचेगा ही नहीं, तो सब मेरा ही होगा।”
वारदात कैंट थाना क्षेत्र की प्रतापनगर कॉलोनी में हुई, जहां आरोपी राजेश अपने पिता रामदीन भारद्वाज और बहन शिवकुमारी के साथ रहता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पहले एक वकील से सलाह ली थी कि पिता की हत्या के बाद प्रॉपर्टी पर उसका अधिकार रहेगा या नहीं। वकील से संतोषजनक जवाब मिलने पर उसने हत्या की योजना बना ली।
बहन की पेंशन में हिस्सेदारी बनी वजह
पुलिस पूछताछ में राजेश ने बताया कि उसकी बड़ी बहन हर महीने पिता की पेंशन में से हिस्सा लेती थी और प्रॉपर्टी में भी उसे बराबरी का हिस्सा दे दिया गया था। राजेश का कहना है कि वो कब तक ये सब बर्दाश्त करता। इसलिए तय कर लिया कि इस बार बहन घर आएगी, तो “आरपार” की बात होगी।
पहले पिता को मारने के बाद बहन को घसीटकर मारा
मंगलवार सुबह जब राजेश ने पिता से पूछा कि बहन को क्यों प्रॉपर्टी दी जा रही है, तो पिता ने जवाब दिया– “मेरी मर्जी है, जिसे जो देना है दूंगा।” यह सुनकर राजेश ने ईंट और सब्बल से पिता पर हमला कर दिया। सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी।
शोर सुनकर कमरे से बाहर आई बहन शिवकुमारी को भी राजेश ने पीटना शुरू कर दिया। बहन ने हाथ जोड़कर कहा– “मुझे कुछ नहीं चाहिए, सब कुछ तुम्हारा है, बस छोड़ दो।” मगर राजेश ने उसकी भी बेरहमी से हत्या कर दी।
पत्नी इंदू बोली– “घबरा गए थे, कुछ समझ नहीं आया”
पुलिस को घटनास्थल से आरोपी राजेश और उसकी पत्नी इंदू घर में ही मिले। पूछताछ में इंदू ने बताया कि वह पूरी घटना से घबरा गई थी, समझ ही नहीं आया कि क्या करें। हालांकि, पुलिस ने उसे फिलहाल आरोपी नहीं बनाया है।
पहले भी किया था राजस्व विभाग में विरोध
राजेश ने बताया कि उसके पिता ने पहले ही मकान का एक हिस्सा बहन के नाम कर दिया था और कुछ दिन पहले शेष हिस्सा भी बहन को देने का निर्णय ले लिया। राजेश ने इसकी शिकायत राजस्व विभाग में भी की थी। इस विवाद के बाद ही बहन मायके आई और यह खूनी वारदात हो गई।







