लखनऊ में सोनभद्र के किसानों को पुलिस ने रोका

सभा खेड़ा के पास बैरिकेडिंग कर रोका गया काफिला, किसानों को कल्ली पश्चिम के रास्ते वृंदावन मैदान जाने के लिए भेजा

लखनऊ। चकबंदी आयुक्त कार्यालय का घेराव करने जा रहे सोनभद्र के किसानों को पुलिस ने सभा खेड़ा गांव के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। मौके पर पहुंचे एडीसीपी साउथ रल्लापल्ली वसंथ कुमार समेत पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत की। इसके बाद किसानों को कल्ली पश्चिम की ओर भेज दिया गया।

किसानों के पैदल और ट्रैक्टरों से कल्ली पश्चिम के पीछे नहर वाले रास्ते से वृंदावन मैदान पहुंचने की योजना है। इससे पहले कल्ली पश्चिम के पास रोके जाने पर किसानों ने नारेबाजी की, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। मौके पर एडीसीपी साउथ रल्लापल्ली वसंथ कुमार और एसीपी गोसाईंगंज ऋषभ यादव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस ने किसानों को समझाकर यातायात सामान्य कराने की कोशिश की।

490 दिनों से चकबंदी की गड़बड़ियों के खिलाफ धरना

भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति (अ.रा.) के नेतृत्व में सोनभद्र के किसान अपनी मांगों को लेकर लखनऊ पहुंचे हैं। किसान करीब 490 दिनों से चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ धरना दे रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि सोनभद्र जिले की घोरावल तहसील के मैंसवार गांव में चकबंदी के दौरान अधिकारियों ने गंभीर अनियमितताएं कीं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों से बातचीत के बाद भी समाधान नहीं मिलने का दावा

किसानों के मुताबिक, चकबंदी से संबंधित शिकायतों को लेकर वे कई बार संबंधित कार्यालयों में अधिकारियों से बातचीत कर चुके हैं। उनका दावा है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

किसानों का कहना है कि लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें लखनऊ आकर अपनी मांग उठाने का फैसला करना पड़ा। इसी क्रम में वे चकबंदी आयुक्त कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया।

वृंदावन मैदान की ओर बढ़ने की तैयारी

पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत के बाद किसानों को कल्ली पश्चिम की ओर भेजा। अब किसान नहर के रास्ते वृंदावन मैदान पहुंचने की तैयारी में हैं। इस दौरान यातायात प्रभावित होने के बाद पुलिस ने स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया।

किसानों की मुख्य मांग चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और समस्या का समाधान है। संबंधित अधिकारियों की ओर से आरोपों पर क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।

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