
लखनऊ: प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर 1 अप्रैल 2026 से बड़ा अभियान शुरू हो गया है। सरकार के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में अगले 15 दिनों तक स्कूली वाहनों की फिटनेस और दस्तावेजों की सख्त जांच की जाएगी।
परिवहन विभाग के इस अभियान का उद्देश्य साफ है—बिना फिटनेस या नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले स्कूल वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर वाहन की होगी गहन जांच
इस विशेष अभियान के तहत 15 अप्रैल तक प्रदेश भर में स्कूली वाहनों की व्यापक जांच की जाएगी। इसमें वाहन का रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और उसकी भौतिक स्थिति की बारीकी से जांच शामिल होगी।
जिन वाहनों में खामियां पाई जाएंगी, उनकी फिटनेस तुरंत निरस्त कर दी जाएगी और सुधार के बाद ही उन्हें दोबारा चलाने की अनुमति मिलेगी।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
बिना परमिट या नियमों का उल्लंघन कर चल रहे वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा।
डिजिटल पोर्टल हुआ लाइव
इस अभियान के साथ ही परिवहन विभाग ने UP Integrated School Vehicle Management Portal (UP-ISVMP) भी लॉन्च कर दिया है। यह पोर्टल स्कूली वाहनों की निगरानी, दस्तावेजों की जांच और नियमों के पालन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए तैयार किया गया है।
अब परिवहन विभाग, प्रशासन, पुलिस और स्कूल प्रबंधन एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए रियल टाइम निगरानी कर सकेंगे।








