
- ग्रामीणों ने जताई खुशी, कहा- ‘अब मंदिर बनेगा गांव की शान
- सांस्कृतिक विरासत को संजोने की पहल, मंदिर परिसर में होंगे ये न बदलाव
- प्रशासन की सक्रियता- जिलाधिकारी ने खुद लिया जायजा, दिए त्वरित निर्देश
अम्बेडकरनगर। भीटी तहसील के घनेपुर गांव स्थित ऐतिहासिक रामजानकी मंदिर अब नए स्वरूप में सजेगा। जर्जर हो चुके इस मंदिर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने निरीक्षण कर नवीनीकरण का संकल्प लिया है।
मंदिर की वर्तमान स्थिति
रामजानकी मंदिर ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन समय के साथ इसकी दीवारें दरक गईं, छत क्षतिग्रस्त हो गई और परिसर उपेक्षित सा होता चला गया। भक्तों ने प्रशासन से मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग उठाई थी, जिसके बाद डीएम अविनाश सिंह ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
मंदिर परिसर की सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाए।
सोलर लाइट, बैठने के लिए बेंच और पीने के पानी की व्यवस्था की जाए।
हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण किया जाए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच का निर्माण हो।
मंदिर बनेगा सांस्कृतिक केंद्र
प्रशासन की योजना के अनुसार, रामजानकी मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा। यहां अब धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ लोकगीत, नृत्य, वैदिक अध्ययन और ग्रामीण मेलों का आयोजन भी होगा।
ग्रामीणों में उत्साह
जिलाधिकारी के निर्देशों की जानकारी मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इस फैसले को आस्था और संस्कृति की पुनर्स्थापना बताया। उनका कहना है कि अब मंदिर न केवल भक्ति का केंद्र होगा, बल्कि यह सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी संजोएगा।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह का यह कदम केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और लोकआस्था को नवजीवन देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।








