
- सतर्कता और हिंदी भाषा के संबंध पर विशेष चर्चा
- कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
- विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया
एनटीपीसी टांडा में हिंदी पखवाड़ा-2025 के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 29 सितम्बर की शाम को किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा, गरिमा महिला मंडल की अध्यक्षा संघमित्रा परिदा और सभी महाप्रबंधकों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।]6
हिंदी के प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा पखवाड़ा
राजभाषा प्रभारी वरुण सोनी ने हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष भी अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी को कार्यशैली में प्रोत्साहित किया गया।
पखवाड़ा के अंतर्गत निबंध लेखन, वाद-विवाद, क्विज़, हिंदी टाइपिंग तथा अनुवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिजनों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
सतर्कता और भाषा के समन्वय पर विशेष चर्चा
महाप्रबंधक (सतर्कता) एस.सी. सिंह ने मंच से संबोधित करते हुए सतर्कता जागरूकता और भाषा के परस्पर संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली में हिंदी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) धीरज सक्सेना ने ओजपूर्ण कविता पाठ कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति को सभागार में उपस्थित श्रोताओं से भरपूर सराहना मिली।
पुरस्कार विजेताओं को किया गया सम्मानित
हिंदी पखवाड़ा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित किया गया। विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (रसायन) नीरज रस्तोगी ने कुशलता से किया। उनके स्पष्ट उच्चारण और संयोजन से पूरे कार्यक्रम को एक सुसंगठित रूप मिला।








