
- प्रशासन ने अवैध अस्पतालों पर कसी नकेल
- 9 निरीक्षण टीमों का गठन, ब्लॉकवार जांच
- टांडा रोड पर भी मानकविहीन अस्पताल
अंबेंडकरनगर। जिले में अवैध और मानक विहीन अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नौ ब्लॉकों में विशेष निरीक्षण दलों का गठन करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब प्रत्येक ब्लॉक में एसडीएम, सीओ और स्वास्थ्य अधीक्षकों की संयुक्त टीम छापेमारी कर अस्पतालों की जांच करेगी।
मुख्यालय पर भी मानकविहीन अस्पतालों का संचालन
जिला मुख्यालय के टांडा रोड, गलियों और बेसमेंटों तक में अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिनमें न तो एंबुलेंस पहुंचने का रास्ता है और न ही अग्निशमन, आक्सीजन, प्रशिक्षित स्टाफ, पेयजल या साफ-सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं हैं। सिंह ट्रैक्टर एजेंसी के बगल स्थित एक अस्पताल का संचालन संकरी गली में हो रहा है। ऐसे दर्जनों संस्थान हैं जिनके संचालन पर न तो कोई निगरानी है, न ही कार्रवाई की स्पष्टता।इन अवैध अस्पतालों को लेकर समय-समय पर शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यवाही नाममात्र की रही। सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने भी यह स्वीकार किया कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि अवैध अस्पतालों के लाइसेंस का नवीनीकरण अब तभी होगा, जब वे सभी निर्धारित मानकों को पूर्ण करेंगे।
हर माह झोलाछाप के कारण हो रही प्रसूताओं की मौत
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रत्येक माह झोलाछाप संचालकों के यहां उपचार या प्रसव के दौरान प्रसूताओं की मृत्यु हो रही है। ऐसी घटनाओं के बाद कभी-कभार अस्पताल सील कर संचालक पर मुकदमा दर्ज होता है, लेकिन कुछ महीनों बाद वही संचालक अन्य स्थान पर दोबारा अस्पताल खोल लेते हैं, जिसकी भनक तक अधिकारियों को नहीं लगती।








