
- 2026 में विदेशी निवेशकों की बिकवाली ₹2.22 लाख करोड़ पार
- DIIs ने की ₹6,003 करोड़ की खरीदारी
- निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर जारी
मुंबई। 25 मई से शुरू होने वाले कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार की दिशा अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से तय होगी। निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम के साथ-साथ निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर भी रहेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता आगे बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे भारतीय बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है।
ट्रम्प के बयान से बाजार में तेजी की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्ति समझौता लगभग अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जा सकता है, जहां से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है।
इस खबर के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है, जिसका सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की खरीदारी की।
साल 2026 में अब तक FIIs भारतीय बाजार से करीब ₹2.22 लाख करोड़ निकाल चुके हैं। लगातार तीसरे महीने विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। सिर्फ मई महीने में ही FIIs ने ₹30,374 करोड़ के शेयर बेच दिए हैं।
निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए कुछ अहम स्तर अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
सपोर्ट लेवल:
23,520 | 23,410 | 23,250 | 23,100
रेजिस्टेंस लेवल:
23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382
विश्लेषकों का कहना है कि सपोर्ट स्तर पर खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि रेजिस्टेंस स्तर पार होने पर बाजार में तेजी का माहौल बन सकता है।









