
लखनऊ। धर्मांतरण और यौन शोषण के गंभीर आरोपों में फंसे जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ पीड़ित युवतियों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। गोमती नगर स्थित विश्व हिंदू रक्षा परिषद कार्यालय में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीड़िताओं ने बताया कि कैसे छांगुर बाबा और उसके गुर्गों ने उनकी ज़िंदगी तबाह कर दी।
पीड़ित युवतियों ने दावा किया कि उन्हें झांसे में लेकर धर्म परिवर्तन कराया गया और सहारनपुर, बलरामपुर व कर्नाटक में कई बार गैंगरेप किया गया। उनका कहना है कि सनातन धर्म में वापसी करने पर उन्हें धमकियां मिल रही हैं और पुलिस भी आरोपियों का साथ दे रही है।
पीड़िताओं के आरोप
छांगुर बाबा के 500 से ज्यादा एजेंट सऊदी अरब में सक्रिय हैं।
पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देशों में हिंदू लड़कियों को भेजा जा रहा है।
एक सपा नेता भी इस धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
धर्म परिवर्तन के बाद रेप, मारपीट और कैद की घटनाएं हुईं।
वापस सनातन धर्म अपनाने पर धमकी और पुलिस द्वारा संरक्षण नहीं मिला।
एक पीड़िता की आपबीती
औरैया निवासी एक युवती ने बताया, “मेरी मां को शराब छुड़वाने के नाम पर छांगुर बाबा के पास ले जाया गया। वहां से मेरा संपर्क अनुराग शर्मा से हुआ, जिसने बाद में फतेहपुर की मस्जिद में मुझसे निकाह किया। बाद में पता चला उसका असली नाम मेराज अंसारी है। मेरा नाम बदलकर सबा रख दिया गया। फिर शारीरिक शोषण और कैद की घटनाएं शुरू हुईं। तीन जुलाई को मुझे किसी तरह आज़ादी मिली।”
ATS की कार्रवाई
छांगुर बाबा, उसका बेटा महबूब और महिला साथी नीतू उर्फ नसरीन को 5 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
एटीएस ने नवंबर 2024 में धर्मांतरण के मामले में FIR दर्ज की थी।
बाबा के खिलाफ देश-विदेश में धर्मांतरण फैलाने और हवाला फंडिंग का आरोप है।
फिलहाल ATS की पूछताछ जारी है, रिमांड पर भी कई नए खुलासे हो रहे हैं।
CM योगी से न्याय की गुहार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ितों ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की, “हिंदू महिलाओं और बेटियों की रक्षा करें। छांगुर और उसके नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”
विश्व हिंदू रक्षा परिषद का समर्थन
संस्था के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि यह एक सुनियोजित धर्मांतरण और शोषण का नेटवर्क है, जिसकी जड़ें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि छांगुर बाबा के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।








