स्वास्थ्य विभाग में फिर उठा भ्रष्टाचार का भंवर

  • अम्बेडकरनगर स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप
  • CMO संजय शैवाल और डिप्टी CMO डॉ. संजय कुमार वर्मा पर पंजीकरण प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप
  • निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड रिपोर्टों को लेकर विवाद

अंबेडकरनगर | अम्बेडकरनगर स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों में घिरता नजर आ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) संजय शैवाल और डिप्टी CMO डॉ. संजय कुमार वर्मा पर पंजीकरण प्रक्रिया में गड़बड़ी, अधिकारों के दुरुपयोग और निजी अस्पताल को लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

अस्पतालों के पंजीकरण में रिश्वत की जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक, जिले में अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण व नवीनीकरण को लेकर धनउगाही की शिकायतों पर पहले से ही जांच चल रही है। आरोप है कि पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान 1.5 लाख रुपये तक की मांग की जाती थी।

पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन
शिकायतकर्ता सलिल यादव का आरोप है कि सीएमओ संजय शैवाल ने 5 मई को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किए, जबकि कानून के अनुसार पंजीकरण का अधिकार जिलाधिकारी को है। सीएमओ केवल दस्तावेज़ों के अभिलेख रक्षक होते हैं। यह सीधा-सीधा अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण बताया जा रहा है।

डिप्टी सीएमओ की पत्नी का अस्पताल जांच के घेरे में
विवाद का केंद्र बना है रामा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, जो डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार वर्मा की पत्नी के नाम पर संचालित है। डॉ. वर्मा स्वयं पीसीपीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी हैं। ऐसे में यह मामला “हितों के टकराव” (Conflict of Interest) की श्रेणी में आ गया है।

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