
- अधिवक्ता मध्यस्थों के प्रयासों से बना सहमति का माहौल
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दी सामाजिक पुनर्वास में सहयोग की आश्वासन
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रचार सामग्री से जागरूकता को मिल रही गति
अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा सर्वोच्च न्यायालय की मीडियेशन एंड कंसीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के निर्देशानुसार चल रहे राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत अंबेडकरनगर जिले में पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में निर्णायक पहल सामने आ रही है।
30 जुलाई को जिला मध्यस्थता केंद्र में तीन ऐसे पारिवारिक विवादों का निस्तारण कराया गया, जिनमें पति-पत्नी के बीच काफी समय से वैवाहिक मतभेद चल रहा था। पक्षकारों की स्वैच्छिक सहभागिता और अधिवक्ता मध्यस्थों के कुशल मार्गदर्शन से सभी दंपतियों ने एक साथ रहने का निर्णय लिया।
इन मामलों में विदाई, घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। बातचीत के क्रम में जब दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का अवसर मिला, तो वे परस्पर समझ और सहमति की ओर बढ़े। अंततः सभी दंपतियों ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ जीवन बिताने का फैसला किया।
मध्यस्थता वार्ता की प्रक्रिया में अधिवक्ता मध्यस्थों चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव और श्रीराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने प्रत्येक पक्ष को ध्यानपूर्वक सुना, पारिवारिक मूल्यों की समझदारी से व्याख्या की और भावनात्मक रूप से दोनों को एक-दूसरे के करीब लाया। परिवार के बड़े-बुजुर्गों की भी सहमति से यह समाधान हुआ।
इस सफलता के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पति-पत्नी को मिलकर एक सुखमय जीवन बिताने की शुभकामनाएं दीं और उनके सामाजिक पुनर्वास की दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।








