
अंबेडकरनगर। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी और आधुनिक भारत की नींव रखने वाले भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 138वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को जिले भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक पंत जी के योगदान को याद करते हुए विभिन्न आयोजन संपन्न हुए।
पुलिस कार्यालय में दी गई श्रद्धांजलि
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने कार्यालय परिसर में पं. गोविंद बल्लभ पंत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंत जी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन के बहिष्कार और नमक सत्याग्रह जैसे आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और बाद में देश के गृह मंत्री के रूप में पंत जी ने भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था को दिशा दी। 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किए गए पंत जी का हिंदी भाषा के संवर्द्धन में योगदान अविस्मरणीय है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें देश और समाज के लिए कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर जिले के सभी थानों और कार्यालयों में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई।
बीएनकेबी पीजी कॉलेज में हुआ भव्य आयोजन
जिला मुख्यालय स्थित बी.एन.के.बी. पी.जी. कॉलेज में भी पं. गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंत जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सिद्धार्थ पांडेय ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर प्रशासनिक दायित्वों तक, पंत जी ने हर भूमिका में देशहित को सर्वोपरि रखा।








