- घाघरा और शारदा सहित 4 नदियां खतरे के निशान के पार
- बलिया में स्कूल और मकान नदी में समाए
- 25 जिलों में बारिश और 8 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। गंगा, यमुना समेत 10 प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इनमें घाघरा, शारदा सहित चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
बलिया और गोंडा में बढ़ा संकट
बलिया में सरयू नदी के कटान से एक सरकारी स्कूल और एक मकान नदी में समा गया। वहीं गोंडा में घाघरा नदी का पानी फैलने से 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई। नदी किनारे रहने वाले लोग अपने कच्चे मकानों को हटाकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
सरयू और घाघरा के बढ़ते जलस्तर के कारण सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच के कई गांव प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
मगरमच्छों की दस्तक से दहशत
बाढ़ के पानी के साथ बहकर आने वाले मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई हैं। कई गांवों में मगरमच्छ घरों और आबादी के पास दिखाई देने से लोगों में भय का माहौल है।
25 जिलों में बारिश का अलर्ट
रविवार को नोएडा और बिजनौर में बारिश दर्ज की गई, जबकि लखनऊ, बाराबंकी और आगरा समेत कई शहरों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। साथ ही वाराणसी, प्रयागराज समेत 8 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है।
शनिवार को 36 शहरों में हुई बारिश
शनिवार को वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ सहित 36 शहरों में बारिश हुई। फर्रुखाबाद में सबसे अधिक 13.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कानपुर में कई इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि मेरठ मेडिकल कॉलेज परिसर में भी घुटनों तक पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।









