
- शाहरुख खान ने दिया फिल्म डायरेक्ट करने का सुझाव
- ‘कुछ कुछ होता है’ से मिली बड़ी सफलता
- नेपोटिज्म विवादों के बावजूद बनाई अलग पहचान
करण जौहर आज भले ही बॉलीवुड के सबसे सफल और चर्चित फिल्ममेकर्स में गिने जाते हों, लेकिन उनका बचपन संघर्ष, डर और लोगों के तानों के बीच बीता। 54वें जन्मदिन के मौके पर करण जौहर की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से सामने आए हैं, जो उनके संघर्ष और सफलता की कहानी बयां करते हैं।
करण जौहर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनकी चाल, बोलने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज का अक्सर मजाक उड़ाया जाता था। लोग उन्हें अलग समझते थे और खेल के मैदान में भी उनका मजाक बनाया जाता था। इन बातों का करण के मन पर गहरा असर पड़ा और वो धीरे-धीरे लोगों से मिलने-जुलने से डरने लगे।
करण ने बताया था कि वह इतने असहज हो गए थे कि घरवालों से झूठ बोलकर कंप्यूटर क्लास जाने की बात कहते थे, जबकि असल में वो अपनी आवाज बदलने की ट्रेनिंग लेने जाते थे। उस दौर में इस्तेमाल होने वाले अपमानजनक शब्दों और तानों ने उन्हें बेहद इंट्रोवर्ट बना दिया था।









