AAP विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार

  • जालंधर सेंट्रल से AAP विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने तड़के घर से पकड़ा
  • नगर निगम घोटाले में नाम आने पर अरोड़ा के खिलाफ कार्रवाई
  • नोटिस रफा-दफा करने के बदले रिश्वत लेने का आरोप

जालंधर। आम आदमी पार्टी के जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा को शुक्रवार सुबह विजिलेंस टीम ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सुबह करीब 8:45 बजे की गई, जब विजिलेंस अधिकारी उनके अशोक नगर स्थित आवास पर रेड डालने पहुंचे। उस समय विधायक घर से बाहर निकलने की तैयारी में थे, लेकिन टीम ने उन्हें पास ही स्थित मंदिर के मोड़ से हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें घर लाकर पूछताछ की गई और ठोस सबूत मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। रेड अब भी जारी है।

रिश्वतखोरी के मामले से जुड़ा है मामला

सूत्रों के मुताबिक, अरोड़ा का नाम पहले से गिरफ्तार नगर निगम के ATP (असिस्टेंट टाउन प्लानर) सुखदेव वशिष्ठ से जुड़ी जांच में सामने आया था। आरोप है कि विधायक ने नगर निगम के जरिए लोगों को नोटिस भेजवाए और फिर रिश्वत लेकर उन्हें खत्म करवा दिया। इस मामले में पहले ही FIR दर्ज हो चुकी है।

पहले से थी कार्रवाई की तैयारी

कुछ दिन पहले ही सरकार ने रमन अरोड़ा की सुरक्षा वापस ले ली थी, जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। उन्हें 12 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा मिली थी, जिसे हटा लिया गया था। अरोड़ा ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि वह पार्टी के ईमानदार नेता हैं और सरकार के फैसले को स्वीकार करते हैं।

राजनीतिक हलकों में हलचल

AAP नेता और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सन्नी आहलूवालिया ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जबकि अरोड़ा के वकील का कहना है कि केवल रेड हुई है, गिरफ्तारी नहीं। वकील ने आरोप लगाया कि उन्हें विधायक से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि हमारे विधायक से पूछताछ क्यों की जा रही है।”

विधानसभा कमेटी में नियुक्ति के कुछ दिन बाद कार्रवाई

हैरानी की बात यह है कि महज चार दिन पहले ही रमन अरोड़ा को पंजाब विधानसभा की पब्लिक अंडरटेकिंग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया था। इसके तुरंत बाद यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है।

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DCP से पुराना विवाद और राजनीतिक पृष्ठभूमि

रमन अरोड़ा पहले भी विवादों में रहे हैं। 2022 में एक विवाद के दौरान जालंधर में DCP नरेश डोगरा से उनका टकराव हुआ था, जिसमें मारपीट तक के आरोप लगे थे। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।

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