अम्बेडकर नगर। शिया समुदाय से जुड़े एक लंबे समय से लंबित और संवेदनशील ऐतिहासिक मुद्दे को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाते हुए भाजपा नेता विवेक मौर्य ने संसद में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। इस दौरान अल बक़ी आर्गनाइजेशन से जुड़े सामाजिक प्रतिनिधि सलमान रिज़वी भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शिया समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषय को सामने रखा।
चार इमामों और बीबी फ़ातिमा ज़हरा से जुड़े मज़ारों का मुद्दा उठा
ज्ञापन में जन्नतुल बक़ी में चार इमामों की क़ब्रों और पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद की पुत्री बीबी फ़ातिमा ज़हरा से संबंधित मज़ार को क्षति पहुंचाए जाने का विषय शामिल रहा। यह मामला शिया समुदाय के लिए गहरी धार्मिक और ऐतिहासिक आस्था से जुड़ा हुआ है। समुदाय की ओर से इस विषय को बीते लगभग सौ वर्षों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से उठाया जाता रहा है।
पहली बार संसद के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उठा मामला
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह पहला अवसर है जब किसी युवा जननेता ने इस मुद्दे को सीधे संसद के माध्यम से केंद्रीय स्तर तक पहुंचाया है। विवेक मौर्य की इस पहल को शिया समुदाय के बीच एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अल्पसंख्यक मंत्री के समक्ष विषय को विस्तार से रखते हुए इससे जुड़े ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
अल्पसंख्यक मंत्री को कार्यक्रम का निमंत्रण
मुलाकात के दौरान अल बक़ी आर्गनाइजेशन की ओर से अल्पसंख्यक मंत्री को आगामी कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया। संगठन की ओर से बताया गया कि जन्नतुल बक़ी में मज़ारों के पुनर्निर्माण को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अजमेर और लखनऊ के बाद 19 अप्रैल को दिल्ली में एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है।








