क्या है आगरा मेट्रो परियोजना का अगला बड़ा कदम?

  • आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरीडोर में बदलाव- क्या है नया प्लान
  • मेट्रो निर्माण में तेजी- क्यों लिया गया MG रोड पर एकसाथ काम करने का निर्णय
  • आगरा में मेट्रो परियोजना की गति कैसे बढ़ेगी

आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने आगरा मेट्रो परियोजना के दूसरे कॉरीडोर को लेकर अपनी रणनीति में अहम बदलाव किया है। करीब 15 किलोमीटर लंबे इस कॉरीडोर पर अब एमजी रोड जैसे अति व्यस्त मार्ग पर एकसाथ काम शुरू कर दिया गया है। पहले यहां पैच वर्क के जरिए जाम की समस्या से बचने की योजना थी, लेकिन अब इस पूरे हिस्से को प्रायोरिटी कॉरीडोर में शामिल करते हुए निर्माण कार्य को तेज़ कर दिया गया है। अब आगरा कैंट से दीवानी चौराहा तक मेट्रो का कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। एमजी रोड पर बड़े पैमाने पर बैरीकेडिंग हो चुकी है और प्रतापपुरा से साईं का तकिया चौराहा के बीच तीन पिलर भी खड़े हो चुके हैं।

दो कॉरीडोर, एक उद्देश्य: यातायात सुगम बनाना
आगरा मेट्रो परियोजना के तहत दो कॉरीडोर तैयार किए जा रहे हैं। पहला कॉरीडोर 14.5 किलोमीटर लंबा है, जो ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तक फैला है। इस कॉरीडोर के छह स्टेशन—ताज पूर्वी गेट, बसई, फतेहाबाद रोड, ताजमहल, आगरा किला और मन:कामेश्वर मंदिर—को प्रायोरिटी कॉरीडोर में शामिल कर पहले ही मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई है। शेष हिस्सों पर कार्य जारी है।

दूसरे कॉरीडोर के स्टेशन
इस कॉरीडोर में कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं:- आगरा कैंट रेलवे स्टेशन, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलक्ट्रेट, आगरा कॉलेज, हरीपर्वत, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज की पुलिया, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, गल्ला मंडी, कालिंदी विहार

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