क्या है प्राइमवन कंपनी की वजह से हो रही छंटनी का असली कारण?

  • आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी पर तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन
  • प्राइमवन कंपनी पर आरोप, कर्मचारियों को बिना सूचना हटाया
  • कर्मचारियों की मांग, 14 साल की सेवा का सम्मान किया जाए

अम्बेडकरनगर।  बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों की छंटनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव करके नारेबाजी की, जिसमें विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक और मैनपावर आपूर्ति करने वाली प्राइवेट कंपनी को निशाना बनाया गया।

कर्मचारियों का आरोप: “बिना कारण बताए हटाए गए”

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्ष 2010 से बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे हैं, लेकिन प्राइमवन कंपनी ने बिना किसी स्पष्ट कारण के 650 कर्मचारियों की सेवाएं एकाएक समाप्त कर दीं। विभाग में कुल 950 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत थे, जिनमें से अधिकांश को नौकरी से निकाल दिया गया।

मनमानी बंद करो, बहाली करो

सुबह 10 बजे से ही कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने “आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली करो”“मनमानी बंद करो”“14 साल की सेवा का अपमान क्यों?” जैसे नारों के साथ प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया।

प्रदर्शनकारी नेता अमरजीत ने बताया कि किसी भी कर्मचारी को सेवा समाप्ति का कारण नहीं बताया गया और न ही लिखित सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का इरादा कर्मचारियों को हटाकर अवैध रूप से पैसे लेकर दोबारा नौकरी देने का है।

सरकारी दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की बात करती है, लेकिन मैनपावर एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। बिना किसी वैध प्रक्रिया के उनकी नौकरियां छीनी जा रही हैं। उनकी मांग है कि पूर्व सेवाओं के आधार पर सभी हटाए गए कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए।

प्रशासन की चुप्पी बढ़ा रही आक्रोश

अब तक बिजली विभाग और जिला प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से कोई वार्ता नहीं हुई है, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।

अगले कदम की प्रतीक्षा
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब नजर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर है कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है।

Related Posts

सड़क सुरक्षा पर प्रशासन की सख्ती

अम्बेडकरनगर में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु…

Continue reading
होमस्टे नीति–2025 : अम्बेडकर नगर में 13 आवेदनों पर समिति की बैठक

अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट होमस्टे नीति–2025 के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई।…

Continue reading