
- भारत ने पाकिस्तान की ‘राजकीय समर्थन’ वाली तस्वीरों से खोला बड़ा राज
- पाकिस्तान सेना पर आतंकवादियों को सरकारी सम्मान देने का आरोप
- भारत का पाकिस्तान पर दबाव, आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच भारतीय राजदूतों ने पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के बीच संबंधों को उजागर करते हुए गंभीर आरोप लगाए। अमेरिका और ब्रिटेन में भारत के शीर्ष राजनयिकों ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सबूत पेश किए।
ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त ने पाकिस्तानी सेना पर लगाया आरोप
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने बीबीसी संवाददाता यल्दा हकीम के साथ इंटरव्यू में पाकिस्तानी सेना पर आतंकवादियों को ‘राजकीय अंतिम संस्कार’ देने का आरोप लगाया। उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी हाफिज अब्दुल रऊफ (जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई) की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी उसके साथ मौजूद थे।
दोराईस्वामी ने कहा, “यह व्यक्ति अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल एक आतंकवादी है। देखिए, इसके पीछे कौन खड़ा है – पाकिस्तानी सेना। ताबूतों पर पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज लगा है। अगर आप आतंकवादियों को राजकीय सम्मान देते हैं, तो इसका क्या मतलब है?”
30 साल से पाकिस्तान नहीं निभा रहा वादा
भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ अपने वादों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले बंद कर दे, तो यह मामला खत्म हो जाएगा।”
अमेरिका में भारतीय राजदूत ने भी पेश किए सबूत
वहीं, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के बीच संबंधों को दर्शाती तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को “न केवल पनाह देता है, बल्कि आधिकारिक तौर पर समर्थन भी करता है।”
भारत-पाक तनाव चरम पर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। भारत लगातार पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता आया है।








