
- राहुल गांधी ने बिना अनुमति छात्रावास में कैसे पहुंच बनाई
- दरभंगा प्रशासन ने क्यों दर्ज की राहुल गांधी पर प्राथमिकी
- ‘फुले’ मूवी में राहुल गांधी के साथ कौन-कौन थे शामिल
पटना। गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार में लगभग 7 घंटे रुके। दरभंगा के अंबेडकर छात्रावास में बिना प्रशासन की अनुमति पहुंचे राहुल गांधी ने छात्रावास में छात्रों को 12 मिनट का संबोधन दिया। इस मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दरभंगा से पटना लौटने के बाद राहुल गांधी ने 400 सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ‘फुले’ मूवी देखी। उन्होंने कहा, “मूवी बहुत अच्छी थी, सभी को देखनी चाहिए।” शाम 5:30 बजे राहुल गांधी पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
दरभंगा में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डर के कारण जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, “लोकसभा में हमने पीएम मोदी से कहा कि आपको जाति जनगणना करानी पड़ेगी। संविधान को माथे से लगाना पड़ेगा। यह सरकार अडाणी-अंबानी की है।”
राहुल ने प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई और कहा कि जब तक प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने बताया कि वे कमजोर वर्गों, पिछड़े और दलित छात्रों से बातचीत करने आए थे, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद उनका कार्यक्रम पूरा हुआ।
मूवी शो में राहुल गांधी के साथ 400 सामाजिक कार्यकर्ता शामिल
पटना के सिटी सेंटर के INOX थिएटर में ‘फुले’ मूवी के शो के लिए 400 टिकट बुक किए गए थे। इस स्पेशल शो में राहुल गांधी को ‘सामाजिक न्याय का नायक’ बताया गया। हालांकि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को थिएटर में प्रवेश नहीं दिया गया।








