
- सिस्टीन चैपल कैसे बनती है नए पोप के चुनाव का केंद्र
- 4 भारतीय कार्डिनल्स की भूमिका पर सभी की निगाहें
- हर दिन चार बार वोटिंग- जानिए कॉन्क्लेव की टाइमिंग
वेटिकन सिटी। दिवंगत पोप फ्रांसिस के निधन के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। आज से वेटिकन के सिस्टीन चैपल में पैपल कॉन्क्लेव की पवित्र प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसमें दुनियाभर से आए 133 कार्डिनल्स नए पोप के चयन में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत से भी 4 कार्डिनल सम्मिलित हैं।
कॉन्क्लेव की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से होगी। इसके बाद सिस्टीन चैपल को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा और कार्डिनल्स गुप्त मतदान के जरिए नए पोप का चुनाव करेंगे। इस दौरान बाहरी दुनिया से सभी संपर्क काट दिए जाएंगे। कार्डिनल्स ने पहले ही अपने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वेटिकन को सौंप दिए हैं, जो नए पोप चुने जाने तक उन्हें वापस नहीं मिलेंगे।
गोपनीयता के लिए कड़ी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल पर पूरी तरह रोक
कॉन्क्लेव क्षेत्र को सख्त लॉकडाउन में रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतदान शुरू होने से करीब 90 मिनट पहले ही सभी सिग्नल ब्लॉक कर दिए जाएंगे। 2013 में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी, जब पोप फ्रांसिस चुने गए थे। वेटिकन के पुजारी, सुरक्षाकर्मी और तकनीकी स्टाफ ने भी गोपनीयता की शपथ ली है।
दो-तिहाई बहुमत से होगा चयन, आज से रोजाना चार बार होगी वोटिंग
पोप चुने जाने के लिए किसी उम्मीदवार को कुल 89 वोट हासिल करने होंगे। यदि किसी को यह बहुमत नहीं मिलता, तो सभी बैलेट जला दिए जाते हैं, जिससे निकलने वाला काला धुआं बताता है कि निर्णय नहीं हो पाया है। वहीं, जब किसी को दो-तिहाई बहुमत मिल जाता है, तो सफेद धुएं के जरिए दुनिया को नए पोप के चयन की जानकारी दी जाती है।








