क्यों नहीं लिया शव? क्या बोले परिवार

कैसे खत्म हुआ भांजी के कातिल का अंत

  • गाजियाबाद में आरोपी का एनकाउंटर
  • परिवार ने शव लेने से किया इनकार
  • 4 साल की भांजी के साथ रेप और हत्या का आरोप

गाजियाबाद में 4 साल की मासूम भांजी के साथ रेप और हत्या के आरोपी जसीम उर्फ छोटू के एनकाउंटर के बाद एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। आरोपी के परिवार ने उसका शव लेने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस कार्रवाई की सराहना की।

आरोपी को 19 अप्रैल की रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद 20 अप्रैल को दिनभर पुलिस परिजनों को पोस्टमॉर्टम हाउस बुलाती रही, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। शाम को आरोपी के भाई और अन्य परिजन पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने शव लेने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने गाजियाबाद में ही परिजनों की मौजूदगी में शव को सुपुर्द-ए-खाक करा दिया।

परिजनों ने जताई नाराजगी
जसीम के भाइयों ने कहा, “ऐसी लाश का हम क्या करेंगे, जिसने जिंदा रहते हुए अपनी ही भांजी के साथ इतना घिनौना अपराध किया। पुलिस का बहुत-बहुत आभार कि उसने इसे खत्म कर दिया। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है।” उन्होंने योगी आदित्यनाथ और प्रशासन का भी धन्यवाद किया।

11 अप्रैल को हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार, आरोपी जसीम ने 11 अप्रैल को अपनी 4 साल की भांजी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने बच्ची का शव एक कार के नीचे छिपा दिया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

पीड़ित बच्ची का परिवार हापुड़ के पिलखुआ क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि आरोपी सिसौली गांव का निवासी था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

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