क्या मोबाइल फोन ही खोलेगा मर्डर मिस्ट्री का सबसे बड़ा राज?

  • CBI पर गंभीर आरोप- पीड़िता के पिता बोले- क्या एजेंसी जानबूझकर दबा रही है सच?
  • बेटी की मौत के बाद भी चलता रहा मोबाइल, पिता ने उठाए सवाल
  • दो अलग-अलग रिपोर्ट्स क्यों? सुप्रीम कोर्ट भी CBI पर नहीं कर पाया भरोसा

कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस में अब पीड़िता के पिता ने CBI पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि CBI को उनकी बेटी के हत्यारों के बारे में जानकारी है, लेकिन वह जानबूझकर सच्चाई को छिपा रही है। मंगलवार को पीड़िता के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया, “CBI ने कोलकाता हाई कोर्ट और सियालदह जिला कोर्ट में दो अलग-अलग रिपोर्टें पेश की हैं। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी उन पर विश्वास नहीं जताया है। हमें पहले CBI पर भरोसा था, लेकिन अब वह पूरी तरह से टूट चुका है।”

फोन से जुड़े गंभीर खुलासे
पिता ने यह भी दावा किया कि उनकी बेटी की मौत के बाद उसका फोन लगातार एक्टिव रहा। “मेरी बेटी के दोस्तों ने हाल ही में मुझसे मिलकर बताया कि उसने अपने वॉट्सऐप ग्रुप से खुद को हटाया है। यानी किसी ने उसका फोन इस्तेमाल किया है। वह फोन CBI के पास है, लेकिन एजेंसी इससे इनकार कर रही है। मेरी बेटी का फोन ही इस केस की सबसे बड़ी गवाही है, लेकिन अब मुझे भारतीय कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा,” उन्होंने कहा।

क्या है पूरा मामला?
9 अगस्त 2024 की सुबह आरजी कर हॉस्पिटल के सेमिनार हॉल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर की लाश मिली थी। पुलिस जांच में सामने आया कि 8-9 अगस्त की रात उसका रेप और मर्डर हुआ था।

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