
- नवरात्र के सातवें दिन मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा और आराधना
- शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ और उत्साह
- प्रमुख मंदिरों: गायत्री मंदिर, काली माता मंदिर, दुर्गा मंदिर में विशेष आयोजन
अंबेडकरनगर। नवरात्र के सातवें दिन रविवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा और आराधना ने नगरवासियों को भक्ति और उत्साह से भर दिया। जिले के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तजनों ने फल, फूल, मिष्ठान और अन्य प्रसाद अर्पित कर माता से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान सुख और जीवन में शांति की कामना की। अकबरपुर स्थित गायत्री मंदिर, दोस्तपुर रोड के काली माता मंदिर और मुख्य डाकघर के सामने स्थित दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन विशेष रूप से देखा गया। मंदिर परिसर में रोशनी, सजावट और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया। जिले के जमुनीपुर, श्रवण क्षेत्र, महरुआ, बसखारी, आलापुर, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, जलालपुर, टांडा, भीटी और कटेहरी सहित अन्य इलाकों में भी माता की आराधना की गई। मंदिरों में सुबह से ही दर्शन और पूजन का सिलसिला जारी रहा। मंत्रोच्चार, भजन और आरती के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बन गया। पं. उत्कर्ष त्रिपाठी ने बताया कि मां कात्यायनी की आराधना से जीवन में संतुलन, मानसिक शांति और पारिवारिक समृद्धि प्राप्त होती है। मां कात्यायनी को सुनहरे वर्ण वाली देवी कहा जाता है। कात्यायनी ऋषि ने भगवती मां दुर्गा की आराधना की थी और मां दुर्गा के पुत्री स्वरूप में उनके घर उत्पन्न होने की कामना की थी। ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उन्हें मनोवांछित वर भेंट की और उनके घर पुत्री स्वरूप आईं।








