
- मां बगलामुखी महायज्ञ के दौरान दिया विवादित बयान
- कहा, “नारियों का सम्मान न करने वालों को जीने का अधिकार नहीं”
- हिन्दू समाज से जनसंख्या बढ़ाने का आह्वान
गाजियाबाद। मुजफ्फरनगर के गांधी नगर स्थित श्यामा-श्याम मंदिर में चल रहे मां बगलामुखी महायज्ञ के दूसरे दिन श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद ने विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो समाज या व्यक्ति अपनी मां, बहन, बेटी और पत्नी सहित नारियों के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकता, उसे जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है।
महामंडलेश्वर ने प्रवचन के दौरान कहा कि “एक बेटे को जन्म देने वाली मां नागिन के समान है” और हिन्दू समाज को अधिक बच्चे पैदा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि “हिन्दुओं को अब अपनी जनसंख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखना होगा, तभी सनातन धर्म सुरक्षित रह पाएगा।”
महायज्ञ में यति नरसिंहानंद के साथ उनके शिष्य यति अभयानंद, यति धर्मानंद, डॉ. योगेंद्र योगी और मोहित बजरंगी मौजूद रहे। महायज्ञ के पुरोहित पंडित सनोज शास्त्री हैं।
नरसिंहानंद ने अपने भाषण में महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि द्रौपदी के अपमान का दंड कौरवों के साथ पांडवों को भी मिला। उन्होंने कहा कि लव जिहाद जैसी समस्याओं का समाधान श्रीमद्भगवद्गीता के आधार पर ही संभव है।
उन्होंने हिन्दू समाज से अपील की कि अधिक से अधिक बच्चे पैदा करें, क्योंकि घटती जनसंख्या और छोटे परिवार हिन्दुओं के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मियों के धनी समाज को इस दिशा में योजना बनाकर पूरे समाज को प्रेरित करना चाहिए।








