
- मोबाइल से मिला लीक पेपर और आंसर-की
- RCC कोचिंग सेंटर पर CBI की छापेमारी
- आरोपी को 9 दिन की CBI कस्टडी में भेजा गया
नई दिल्ली/मुंबई। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने सोमवार को 10वीं गिरफ्तारी की। एजेंसी ने Latur से केमिस्ट्री कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है।
मोबाइल से मिला लीक NEET पेपर
CBI अधिकारियों के अनुसार रविवार को की गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से NEET-UG का लीक पेपर बरामद हुआ। एजेंसी का दावा है कि वह संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो परीक्षा का पेपर लीक कराने और उसे आगे फैलाने में शामिल था।
जांच एजेंसी के मुताबिक उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर-की हासिल कर ली थी और इसे कई लोगों तक पहुंचाया।
8 घंटे पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
CBI ने 15 मई को मोटेगांवकर से उसके घर पर करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद रविवार को उसके कोचिंग संस्थान और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई।
7 जिलों में चलता है RCC कोचिंग नेटवर्क
मोटेगांवकर का “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)” नाम से कोचिंग नेटवर्क है, जो लातूर समेत महाराष्ट्र के 7 जिलों में संचालित होता है।
CBI ने RCC के मुख्य कार्यालय पर छापा मारकर कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इस कोचिंग नेटवर्क का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
हाथ से लिखे नोट्स के जरिए पहुंचाया गया पेपर
CBI का आरोप है कि मोटेगांवकर ने अपने सेंटर में NEET अभ्यर्थियों समेत कई लोगों को हाथ से लिखे नोट्स के जरिए लीक पेपर उपलब्ध कराया।
एजेंसी के मुताबिक परीक्षा खत्म होने के बाद इन नोट्स को नष्ट कर दिया गया था, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
9 दिन की CBI कस्टडी में भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 9 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया गया।
अब तक NEET-UG पेपर लीक मामले में कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से 6 आरोपी महाराष्ट्र से हैं।









