
- 16 वर्षों में पहली बार समय से पहले आया मानसून
- मौसम ने बदली चाल: दक्षिण भारत में तेज़ बारिश
- केरल में रिकॉर्ड समय से पहले मानसून की एंट्री
नई दिल्ली। देश में मानसून ने इस बार रिकॉर्ड समय से पहले दस्तक दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया, जो कि सामान्य तिथि से 8 दिन पहले है। यह 16 वर्षों में पहली बार है जब मानसून इतनी जल्दी आया है। वर्ष 2024 में मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था।
IMD के मुताबिक, मानसून चार दिनों से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर रुका हुआ था, लेकिन शुक्रवार शाम को उसने आगे बढ़ना शुरू किया। इसके चलते शनिवार को ही तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। अगले एक सप्ताह में मानसून दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत को कवर कर सकता है, जबकि 4 जून तक मध्य और पूर्वी भारत तक पहुंचने की संभावना है।
आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। फिर 17 सितंबर के आसपास इसकी वापसी शुरू होती है, जो 15 अक्टूबर तक पूरी होती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की जल्दी या देरी से शुरुआत का वर्षभर होने वाली बारिश पर कोई निश्चित प्रभाव नहीं पड़ता। यानी यदि मानसून जल्दी पहुंचता है, तो यह जरूरी नहीं कि पूरे देश में सामान्य से अधिक बारिश हो।
भारी बारिश और गर्मी का दोहरा रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 मई के लिए दो प्रकार के रेड अलर्ट जारी किए हैं – एक भारी बारिश और दूसरा भीषण गर्मी के लिए। केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के तटीय इलाकों में 200 मिमी तक बारिश की संभावना जताई गई है।








