
- गांव मोढ़ी की रहने वाली थीं मृदुला दोहरे
- नगला मोहन के प्राइमरी स्कूल में थीं प्रधानाध्यापिका
- अविवाहित थीं, इटावा में अकेले रहती थीं
इटावा। इटावा जिले के भरथना क्षेत्र के गांव मोढ़ी में एक प्राथमिक स्कूल की प्रिंसिपल मृदुला दोहरे (45) ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अविवाहित थीं और पिछले कुछ वर्षों से इटावा में किराए के कमरे में अकेली रह रही थीं। लगभग दस दिन पहले ही वह अपना सामान समेटकर गांव लौट आई थीं और भाई के परिवार के साथ रहने लगी थीं।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कमरे की खिड़की और दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला बताया है, हालांकि वजह की जांच जारी है।
पारिवारिक और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं मृदुला
मृदुला की तैनाती नगला मोहन के प्राथमिक विद्यालय में थी और वह 2005 से शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। शादी नहीं होने के कारण वह अक्सर खुद को अकेला महसूस करती थीं। परिवारवालों के मुताबिक, मृदुला एक आत्मनिर्भर और पढ़ी-लिखी महिला थीं। उन्होंने कहा था कि वह अपने तरीके से शादी करेंगी, लेकिन अब तक उन्हें मनपसंद जीवनसाथी नहीं मिल सका था।
प्लॉट विवाद बना तनाव की वजह?
गांव के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मृदुला का एक साथी शिक्षक के साथ प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। इसी तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते वह इटावा से गांव लौट आई थीं। घटना के दिन भी वह मेडिकल लीव पर थीं और स्कूल नहीं गई थीं।
भतीजी ने देखा शव, पुलिस कर रही जांच
मृदुला के भाई सुनील ने बताया कि सुबह के समय बच्चे बाहर खेल रहे थे और मां बीमार होने के कारण चारपाई पर लेटी थीं। इसी दौरान मृदुला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और दुपट्टे से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सबसे पहले उनकी भतीजी आकांक्षा ने खिड़की से शव लटका देखा और शोर मचाया।
भरथना थाना प्रभारी अरिमर्दन सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।







