
- मां की हालत गंभीर, सृजन अस्पताल में चल रहा इलाज
- DM दुर्गा शक्ति नागपाल ने अस्पताल सील कराया
- डीएम बोलीं – “इलाज का खर्च मैं खुद उठाऊंगी”
लखीमपुर खीरी में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया। एक पिता अपने नवजात बच्चे का शव झोले में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। यह नजारा देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई। रोते हुए पिता ने CDO अभिषेक सिंह और CMO डॉक्टर संतोष गुप्ता को अपना दर्द सुनाया।
उसने बताया कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने डिलीवरी से पहले 25 हजार रुपए मांगे। जेब में सिर्फ 5 हजार रुपए थे, जो दे दिए। इसके बावजूद डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया। आरोप है कि इलाज में देरी और लापरवाही के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। मां की हालत भी गंभीर है।
रात को प्रसव पीड़ा बढ़ी, महिला को प्राइवेट अस्पताल भेजा
भीरा थाना क्षेत्र के नौसर जोगी गांव निवासी विपिन गुप्ता की पत्नी रूबी गर्भवती थी। बुधवार रात प्रसव पीड़ा होने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ ले जाया गया। डॉक्टरों ने डिलीवरी का समय न होने की बात कही और जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इसी बीच रूबी की बहन ने आशा बहू से संपर्क किया। आशा ने महेवागंज के गोलदार अस्पताल जाने की सलाह दी। देर रात रूबी को वहां भर्ती किया गया।
10 हजार डिलीवरी और 12 हजार ऑपरेशन की डिमांड
परिजनों के मुताबिक, मौजूद डॉ. हुकुमा गुप्ता और मनीष गुप्ता ने 10 हजार रुपए नार्मल डिलीवरी और 12 हजार रुपए छोटे ऑपरेशन के लिए मांगे। बाद में रूबी की हालत बिगड़ने पर ऑपरेशन से पहले 25 हजार रुपए जमा कराने की शर्त रखी गई।
विपिन ने तुरंत 5 हजार रुपए दिए और बाकी सुबह देने का भरोसा दिया, लेकिन आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में टालमटोल शुरू कर दी।
हालत नाजुक होते ही डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए
इलाज में देरी से रूबी की हालत और खराब हो गई। आरोप है कि डॉक्टरों ने बाद में इलाज से इंकार कर दिया और नर्सों की मदद से महिला को जबरन बाहर निकाल दिया।
बेबस पति रूबी को शहर के सृजन अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु पहले ही मर चुका था और गलत दवाइयां दी गई थीं। ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला गया। फिलहाल महिला की हालत गंभीर है।
बच्चे का शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा पिता
शुक्रवार को विपिन नवजात का शव झोले में रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। वहां अधिकारियों से मिलकर अस्पताल के डॉक्टरों पर भ्रूण हत्या और लापरवाही से मौत का केस दर्ज करने की मांग की।
अस्पताल सील, डीएम ने दिए सख्त आदेश
मामले की जानकारी होते ही डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अस्पताल को सील करा दिया। सीएमओ और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर मरीजों को सुरक्षित जिला अस्पताल शिफ्ट कराया।
डीएम ने कहा, “जिले का हर शख्स मेरा परिवार है। महिला का इलाज का पूरा खर्च मैं उठाऊंगी।”
फिलहाल महिला का इलाज सृजन अस्पताल में जारी है।







