मानसून की रफ्तार धीमी: अगले 7 दिनों में देश में एंट्री के आसार

कई राज्यों में कम बारिश की चेतावनी

  • मानसून अगले 7 दिनों में देश में पहुंचने की संभावना
  • IMD ने बारिश के अनुमान में की कटौती
  • जून-जुलाई में कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
  • यूपी, बिहार और एमपी में कम बारिश के आसार

नई दिल्ली। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अगले 7 दिनों में देश के अन्य हिस्सों में पहुंच सकता है, लेकिन फिलहाल यह पिछले 5 दिनों से श्रीलंका के आसपास ही अटका हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण भारत के आसपास लो प्रेशर सिस्टम नहीं बनने की वजह से मानसून को आगे बढ़ने में देरी हो रही है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल मानसून को लेकर अपने अनुमान में बदलाव किया है। विभाग के अनुसार, 2026 के मानसून सीजन में देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है। इससे पहले 13 अप्रैल को IMD ने 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान जताया था।

मौसम विभाग के अनुसार 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में सामान्य औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। ऐसे में इस साल कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। 100 प्रतिशत LPA को सामान्य मानसून माना जाता है।

जून-जुलाई में हीटवेव का खतरा

IMD ने चेतावनी दी है कि जून और जुलाई के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। आमतौर पर इन महीनों में तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस रहता है, लेकिन इस बार तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रह सकता है।

एमपी, यूपी और बिहार में कम बारिश के संकेत

मौसम विभाग के मुताबिक जून महीने में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश दर्ज की जा सकती है।

खेती पर पड़ सकता है असर

IMD ने कहा कि इस बार मानसून के कोर जोन में भी कम बारिश हो सकती है। यह वे इलाके हैं जहां खेती मुख्य रूप से मानसून की बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में कम बारिश का असर सीधे फसलों, किसानों और खाद्य उत्पादन पर पड़ सकता है।

मानसून कोर जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश-बिहार के कुछ हिस्से शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button