
- मां के फर्जी साइन मामले में मिली जमानत
- 3 अगस्त को लखनऊ से हुई थी गिरफ्तारी
- सुरक्षा कारणों से गाजीपुर से कासगंज जेल भेजा गया था
मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। 3 अगस्त को लखनऊ से गिरफ्तार किए जाने के बाद उमर इस समय कासगंज जेल में बंद हैं। अब वह 27 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे।
उमर अंसारी को मां अफसा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में याचिका दाखिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अफसा अंसारी के वकील लियाकत अली का भी नाम शामिल है।
पुलिस ने शुरू में उमर को गाजीपुर जेल भेजा था, लेकिन 23 अगस्त को अचानक सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें 673 किलोमीटर दूर कासगंज जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
मामला क्या है
गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी की 10 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई थी। इसको छुड़ाने के लिए कोर्ट में अपील दायर की गई। कोर्ट ने जब दस्तावेजों की जांच कराई तो अफसा अंसारी के हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए। इस पर थाना मुहम्मदाबाद में उमर अंसारी और वकील लियाकत अली के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
कोर्ट ने पहले उमर और लियाकत अली दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अब हाईकोर्ट ने उमर को राहत दे दी है। लियाकत अली फिलहाल फरार है।
परिवार में राहत
10 दिन पहले ही उमर के बड़े भाई अब्बास अंसारी को हेट स्पीच केस में मिली सजा पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाकर उनकी विधायकी बहाल कर दी थी।








