
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित हुआ NCL जागरूकता अभियान 2.0
नए आपराधिक कानूनों की प्रमुख विशेषताओं पर विशेषज्ञों ने की चर्चा
पुलिस अधीक्षक अभिजीत शंकर ने दिए कानूनों को व्यवहार में उतारने के निर्देश
अंबेडकरनगर। पुलिस लाइन स्थित सभागार में गुरुवार को NCL जागरूकता अभियान 2.0 के तहत नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, क्षेत्राधिकारी और विभिन्न थानों से आए पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं से पुलिस कर्मियों को अवगत कराना और उन्हें व्यवहारिक स्तर पर लागू करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
वक्ताओं ने नए आपराधिक कानूनों की प्रमुख विशेषताओं पर की चर्चा
कार्यशाला में वक्ताओं ने नए आपराधिक कानूनों की रूपरेखा, उद्देश्य और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेष रूप से ‘शून्य एफआईआर’ (Zero FIR) की अवधारणा, E-FIR प्रणाली, समयबद्ध न्याय प्रक्रिया, महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधान, फोरेंसिक साक्ष्यों का उपयोग तथा पीड़ित-केंद्रित न्याय व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
वक्ताओं ने बताया कि नए कानूनों में प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर बल दिया गया है ताकि जांच और न्याय प्रक्रिया दोनों में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके। साथ ही अपराध पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं, जिनसे न्याय प्रणाली अधिक मानवीय और सुलभ बनेगी।








